कोरोना महामारी में दूसरी लहर के चलते दिल्ली-एनसीआर में मांग बढ़ने की वजह से 2021 की दूसरी यानी अप्रैल-जून तिमाही में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़कर 2,830 इकाई पहुंच गई। हालांकि महामारी की दूसरी लहर की वजह से बिक्री में तिमाही आधार पर 54 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। ऑनलाइन रियल एस्टेट ब्रोकरेज कंपनी प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के मुताबिक, इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में दिल्ली-एनसीआर में कुल 6,190 मकान बिके थे। 2020 की समान तिमाही में मकानों की बिक्री 1,890 इकाई रही थी।

सबसे ज्यादा गुरुग्राम में बिके 36 प्रतिशत  मकान, नोएडा ग्रेनो में 34 प्रतिशत 
दूसरी तिमाही के दौरान दिल्ली-एनसीआर में मकानों की कुल बिक्री में 36 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ गुरुग्राम सबसे आगे रहा। यहां 1,020 मकान बिके। नोएडा-ग्रेटर नोएडा की हिस्सेदारी 34 फीसदी, फरीदाबाद के 18 फीसदी और गाजियाबाद की हिस्सेदारी 12 फीसदी रही।

सिर्फ तीन शहरों में बड़ी बिक्री
महामारी की दूसरी लहर के कारण अप्रैल और मई में मांग लगभग खत्म हो गई थी। जून तिमाही में दिल्ली-एनसीआर, अहमदाबाद और हैदराबाद में बिक्री बढ़ी। जबकि मुंबई, पुणे, बंगलूरू में तेज गिरावट दिखी।

नई परियोजनाओं से दूर रहे बिल्डर
ब्रोकरेज कंपनी का कहना है कि दूसरी लहर के बीच बिल्डर नई परियोजनाएं लांच करने या मौजूदा परियोजनाओं के नए फेज शुरू करने से बचते रहे। इस कारण अप्रैल-जून 2021 के दौरान नए मकानों की आपूर्ति पिछले साल की समान तिमाही के 2,016 इकाई से 59 फ़ीसदी घटकर महज 818 इकाई रह गई। तिमाही आधार पर आपूर्ति में 83 फीसदी गिरावट दर्ज की गई।