संवाद सहयोगी, इंदिरापुरम: वैभव खंड स्थित जीसी ग्रैंड निवासी दुष्यंत सिन्हा को रेप्युटेशन टुडे संस्था ने 2020 के 40 उभरते हुए युवा उद्यमियों में चुना है। दुष्यंत लाकडाउन और उससे पहले सौ से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुके हैं। दुष्यंत का कहना है कि परिश्रम और सतत प्रयास से सफलता जरूर मिलती है।

महज पांच हजार रुपये घर से लाकर दिल्ली एनसीआर में जिदगी शुरू करने वाले दुष्यंत सिन्हा फिलहाल चार कंपनियों के डायरेक्टर हैं। वैभव खंड स्थित जीसी ग्रैंड सोसायटी निवासी दुष्यंत सिन्हा शुरुआत में फ्रीलांसिग करते थे। दो वर्ष की मेहनत के बाद उन्होंने आइसीसीपीएल ग्रुप आफ कंपनीज के नाम से अपनी कंपनी खोली। न्याय खंड के एक छोटे से कमरे से शुरू हुई दुष्यंत की कंपनी आज इंदिरापुरम, नोएडा, हैदराबाद, बेंगलुरु, पानीपत, हिसार समेत कई अन्य शहरों में काम कर रही है। वर्ष 2014 में दुष्यंत को सर्वश्रेष्ठ कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट के अवार्ड से नवाजा गया था। वर्ष 2018 में बेस्ट कम्युनिकेशन एजेंसी, वर्ष 2019 में भी उन्होंने बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली आदि स्थानों पर तीन अवार्ड अपने नाम किए। अब रेप्युटेशन टुडे संस्था ने उन्हें 2020 में प्रभावशाली युवा उद्यमी के रूप में चुना है। दुष्यंत अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद को देते हैं। उनका कहना है कि परिश्रम के समय उनकी पत्नी अंबिका सक्सेना ने भी उन्हें पूर्ण सहयोग दिया है।