नई दिल्ली, एजेंसी। रियल एस्टेट सेक्टर 2022 में घरों की मांग में फिर से उछाल की उम्मीद कर रहा है, ऐसी स्थिति में 2022-23 का बजट (Budget 2022) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस सेक्टर को उम्मीद है कि आगामी केंद्रीय बजट में रियल एस्टेट के लिए कर राहत शामिल होगा, साथ ही जीएसटी में छूट या कटौती और अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा में संशोधन सहित अन्य चीजें भी शामिल होंगी।https://imasdk.googleapis.com/js/core/bridge3.496.0_en.html#goog_657514792Ads by Jagran.TV

चल रही कोविड -19 महामारी के बावजूद, सेक्टर ने हाल की तिमाहियों में होम लोन की कम ब्याज दरों और घरों की किफायती कीमतों के कारण मांग में वृद्धि देखी है। इस सेक्टर को इस क्षेत्र में सुधार जारी रखने के लिए सरकारी मदद की जरूरत है, जो कृषि के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 8% की हिस्सेदारी है। रियल एस्टेट सेक्टर उम्मीद कर रहा है की चुनाव के बाद कुछ नई योजनायें भी देखने को मिल सकती है।

कुनाल भल्ला, सीईओ, सीआरसी ग्रुप

बजट से कुछ प्रमुख उम्मीदें है जैसे टैक्स में छूट और होम लोन की दरों में अधिक राहत जो विशेष रूप से अंतिम उपयोगकर्ताओं एवं निवेशकों के एक बड़े वर्ग को संपत्ति खरीदने के लिए आकर्षित करेगा। इसके अतिरिक्त, खरीदार भावना को प्रोत्साहित करने और इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आवास लोन पर मौजूदा टैक्स छूट को 1.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जाना चाहिए। जीएसटी सुधार, उदाहरण के लिए, 1% जीएसटी का लाभ जो सिर्फ 60 मीटर के घर (क्षेत्र में) और 45 लाख तक की लागत तक लागू है, इसको 75-90 मीटर क्षेत्र के घर तक और 90 लाख मूल्य तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री का दर्जा और सिंगल विंडो क्लीयरेंस भी डेवलपर्स द्वारा लंबे समय से चली आ रही कुछ मांगों में हैं।

संजय शर्मा, निदेशक, एसकेए ग्रुप 

कोराना की वजह से लोगों ने अपने घर की अहमियत को समझा इसके साथ ही वर्क फ्रोम के कल्चर ने इसको और ज्यादा बढ़ावा दिया। रियल एस्टेट सेक्टर ने समय के अनुसार मांग को बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म का सहारा लिया, जिसका सकारात्मक असर दिखाई दिया। दिल्ली-एनसीआर सहित देश भर में खरीदार अब घर खरीदने के लिए ऑनलाइन पूछताछ कर रहे हैं, घरों की बुकिंग व बिक्री में इसका एक बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफार्म का है। उम्मीद है कि आने वाले समय में ये बढ़त जारी रहेगी।

निखिल आनंद, निदेशक, मास्टर्स इंफ्रा

कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन ने रिटेल रियल एस्टेट को काफी प्रभावित किया। मगर सफल टिकाकरण का इस सेक्टर पर सकारात्मक असर दिखाई दिया है। इंवेस्टर्स अब पहले की तरह इंवेस्ट कर रहे है उम्मीद है कि विकास की गति जल्द ही कोविड-पूर्व स्तर तक पहुंच जाएगी। हम उम्मीद करते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री का दर्जा और सिंगल विंडो क्लीयरेंस भी डेवलपर्स द्वारा लंबे समय से चली आ रही मांग को इस बार पूरा किया जायेग।

सागर सक्सेना, प्रोजेक्ट हेड, स्पेट्रम मेट्रो

रिटेल रियल एस्टेट में कोरोना के तीसरे संस्करण ओमिक्रोन का असर कम रहने की उम्मीद है, क्योंकि सभी आशंकाओं के बीच भी नये प्रोजेक्ट लॉन्च हो रहे हैं। इंवेस्टर्स और रिटेलर्स दोनों ही इसमें अपना रूझान दिखा रहे हैं। समय पर परियोजनाएं पूरी हो रही है और फिर से स्टोर खुल रहे हैं। ये परी अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है। डेवलपर्स भी अब पहले से ज्यादा कोंफिडेंट है क्योंकि उन्होंने डिजिटली भी अपने आप को बूस्ट कर लिया है।

हरविंदर सिंह, एमडी, सिक्का ग्रुप

कोरोना ने पुरे देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया, मगर देश में कुछ सेक्टर ऐसे भी रहे जो इस प्रभाव को दरकिनार करते हुए विकास के साथ अच्छी वापसी की। रियल एस्टेट सेक्टर भी उन्हीं सेक्टर में से एक है जिसने अच्छा सुधार दिखाया है। उम्मीद करते है कि आने वाले समय में इस सेक्टर में और वृद्धि देखी जाएगी। मांग और पूर्ति को बढ़ाने के लिए इस सेक्टर ने डिजिटल प्लेटफार्म पर खुद को अच्छी तरह स्थापित कर लिया है।